चमत्कार की आशा

 मित्रों !
" चमत्कार की आशा करो " आशा से भरा यह वाक्य मैंने स्वविकास की एक
अनूदित पुस्तक में पढ़ा और लगातार इस वाक्य पर विचार करने के दौरान मुझे यह चमत्कारिक वाक्य अनेक धर्मग्रंथों में भी किसी न किसी रूप में दिखाई दिया और जब मैंने  इसे अपने निजी जीवन में तलाश किया तो वहां भी मुझे ' यह ' साफ साफ लिखा दिखा .
आइये एक " चमत्कार " की कथा आपको सुनाता हूँ ..................१४ वर्ष पूर्व की बात है , जब मैं अपनी पत्नी की गंभीर बीमारी का इलाज कराने मुंबई गया 
क्योकि मेरे यहाँ के आसपास के हर बड़े शहर के डॉक्टर इस गंभीर समस्या को समझ ही नहीं पा रहे थे .वहाँ रहने का ठौर ठिकाना तो मिल गया ,एक निकट सम्बन्धी के यहाँ ,लेकिन दवा इलाज का खर्च तो मुझे ही वहन करना था .जितने पैसे मैं घर से लेकर गया था उस समय के अनुसार बड़ी रकम थी ,लेकिन मात्र दस दिन के अंदर तीन चौथाई पैसा खर्च हो गया .
अब मेरे सामने विकराल स्थिति थी न मैं इलाज बंद कर सकता था और न ही वापस घर ही लौट सकता था .
' हारे को हरिनाम ' की तर्ज पर मैं प्रतिदिन एक ' मंदिर ' में जाने लगा .कोई और काम तो मेरे पास था नहीं सो मैं घंटों वहॉ बैठा भगवान से सहायता और चमत्कार की उम्मीद करता हुआ ,प्रार्थना करता रहता 
अंततः एक दिन ..................
मंदिर प्रांगण में मौजूद एक पीपल के पेड़ के नीचे बनी एक पत्थर की बेंच पर बैठा मैं चिंता में डूब रहा था कि तभी ............जाने किधर से एक सज्जन आए और मेरी बगल में बैठ गए .उनके हाँथ में एक स्थानीय अँग्रेजी अख़बार था जिसे खोल कर वे पढ़ने लगे .कुछ देर बाद जैसे अचानक वे आए थे वैसे ही अचानक चले भी गए लेकिन अपना अख़बार वहीं छोड़ गए .
मैंने वह अख़बार उठाकर पढ़ना शुरू किया .एक जगह मुझे छोटा सा विज्ञापन दिखाई दिया .मैंने 
वो विज्ञापन ध्यान से पढ़ा और तुरंत मंदिर में ही लगे एक क्वाइन बॉक्स पी सी ओ में एक रुपए का सिक्का डालकर बात की और .......
" चमत्कार " हो गया .मुझे अपने ही लायक और अपनी ही रूचि का एक काम बैठे बिठाए मिल गया .अच्छा पैसा कमाया मैंने .दो साल तक इलाज चला और बीमारी से मुक्ति मिली लेकिन 
पैसे  की कभी कमी न हुई .
मित्रों ! जब मैँने यह वाक्य " चमत्कार  की आशा करो " पढ़ा तब मुझे अपने जीवन में घटी ये घटना याद आ गई और ये पंक्तियाँ भी .......
"माँगो ! और तुम्हे दिया जायेगा !!
खटखटाओ !!और तुम्हारे लिए खोला जायेगा !!!
लेकिन .......
जिस ' नाप ' से तुम नापोगे ,उसी नाप से तुम्हें भी नापा जायेगा ." (दि होली बाइबल )
तो मित्रों इस चमत्कारिक उक्ति " चमत्कार की आशा करो " को लिख कर कहीं ऐसी जगह लगा दें ,जहाँ बराबर आपकी नजर पड़ती रहे .और याद रखें ये शब्द हर परिस्थिति में चाहे वो जितनी विकट हो ...आपको 
हमेशा सम्बल देंगे और .....चमत्कार जरूर होगा .

Comments

Anil. K. Singh said…
जी हां चमत्कार होता है। लेकिन अपनी सोच अच्छी होनी चाहिए।